रुद्रप्रयाग/चमोली (उत्तराखंड)। हिमालय की गोद में बसा चोपता उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। प्राकृतिक सुंदरता, बुग्यालों, घने जंगलों और बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के शानदार नजारों के कारण चोपता को अक्सर “मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ उत्तराखंड” कहा जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां की मनमोहक वादियों और आध्यात्मिक स्थलों का आनंद लेने पहुंचते हैं।


तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक का प्रवेश द्वार
चोपता विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ मंदिर और चंद्रशिला ट्रेक का आधार स्थल है। तुंगनाथ मंदिर भगवान शिव के पंच केदारों में सबसे ऊंचाई पर स्थित मंदिर माना जाता है। यहां से आगे चंद्रशिला शिखर तक ट्रेक करने पर नंदा देवी, चौखंबा, केदारनाथ, त्रिशूल और बंदरपूंछ जैसी हिमालयी चोटियों के अद्भुत दर्शन होते हैं।
प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स की पहली पसंद
चोपता अपने हरे-भरे बुग्यालों, देवदार और बुरांश के जंगलों तथा शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले पर्यटक ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी का भरपूर आनंद लेते हैं। सर्दियों में बर्फबारी होने पर यह क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता।
देवरियाताल और चोपता का अनोखा संगम
चोपता आने वाले अधिकांश पर्यटक देवरियाताल भी जाते हैं, जहां झील के पानी में चौखंबा पर्वत का प्रतिबिंब दिखाई देता है। देवरियाताल और चोपता मिलकर उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन सर्किटों में शामिल हैं।
कब जाएं चोपता?
चोपता घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर माना जाता है। सर्दियों में दिसंबर से फरवरी तक यहां भारी बर्फबारी होती है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
स्थानीय पर्यटन और रोजगार को मिल रहा बढ़ावा
चोपता में बढ़ते पर्यटन के कारण स्थानीय लोगों को होमस्टे, होटल, गाइडिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सरकार भी यहां पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
चोपता उत्तराखंड का ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां प्रकृति, रोमांच और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यदि आप हिमालय की असली खूबसूरती को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो चोपता आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए।
तुंगनाथ मंदिर चोपता के पास स्थित भगवान शिव के पंच केदारों में से एक है और दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में गिना जाता है।
📍 स्थान: चोपता, रुद्रप्रयाग जिला, उत्तराखंड
🏔️ ऊंचाई: लगभग 3,680 मीटर
🚶 ट्रेक: चोपता से लगभग 3.5 किमी
🕉️ विशेषता: पंच केदार में सबसे ऊंचा शिव मंदिर
🌄 आकर्षण: चौखंबा, नंदा देवी और हिमालय की शानदार चोटियों के दृश्य
तुंगनाथ से आगे लगभग 1.5 किमी का ट्रेक करके चंद्रशिला शिखर भी पहुंचा जा सकता है, जहां से 360° हिमालयी दृश्य दिखाई देते हैं।
